विशाल सिंह / कोरिया एक्सप्रेस
जिला कोरिया के थाना पटना क्षेत्र में नौकरी लगाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं और महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी किशन तिवारी को आखिरकार पटना पुलिस ने महीनों की तलाश के बाद गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी पर नगर पंचायत पटना में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से रुपये लेने तथा फर्जी नियुक्ति आदेश की प्रतियां देकर धोखाधड़ी करने का आरोप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम आंजोखुर्द निवासी नंदलाल सिंह ने थाना पटना में शिकायत दर्ज कराई थी कि किशन तिवारी ने स्वयं को नगर पंचायत अधिकारियों का करीबी बताते हुए उनकी पत्नी को नगर पंचायत पटना में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि नौकरी लगवाने के नाम पर विभिन्न माध्यमों से लगभग दो लाख रुपये की राशि ली गई। बाद में आरोपी द्वारा मोबाइल के माध्यम से फर्जी आदेश पत्र की छायाप्रति भेजी गई। जब नौकरी नहीं लगी और पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी टालमटोल करने लगा तथा अपना मोबाइल बंद कर फरार हो गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि कई बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाया। शिकायत में कई अन्य पीड़ितों के नाम भी सामने आए हैं, जिनसे 20 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक की रकम वसूली गई थी।
पीड़ितों के अनुसार आरोपी किशन तिवारी ने नगर पंचायत में रिक्त पदों पर नियुक्ति कराने का झांसा देकर लोगों का विश्वास जीता और उनसे रकम वसूली। जब लोगों को संदेह हुआ तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और अपना मोबाइल भी बंद कर रखा था। लगातार प्रयास और तकनीकी जांच के बाद 08 जून 2026 को पटना पुलिस ने आरोपी किशन तिवारी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है तथा अन्य पीड़ितों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।


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