आवेदन के अनुसार, सरपंच का कार्यकाल एक वर्ष पूर्ण होने के बावजूद ग्राम पंचायत में अपेक्षित विकास कार्य नहीं कराए गए हैं। पंचों का आरोप है कि पंचायत को प्राप्त मूलभूत मद एवं 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग बिना पंचों को जानकारी दिए किया गया तथा राशि के आहरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई।पंचों ने आरोप लगाया है कि 15वें वित्त आयोग की राशि से नाली सफाई के नाम पर 28,400 रुपये, बाउंड्रीवाल मरम्मत के नाम पर 1,94,450 रुपये, बोरवेल खनन एवं स्थापना के नाम पर 1,18,198 रुपये तथा सीसी रोड निर्माण कार्य के नाम पर 1,34,460 रुपये की राशि आहरित की गई। इसके अलावा वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में प्राप्त मूलभूत मद की राशि के उपयोग की जानकारी भी पंचायत प्रतिनिधियों को नहीं दी गई है।आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत की मासिक बैठकों में सरपंच की जगह उनके पति उपस्थित रहते हैं तथा पंचायत की योजनाओं और वित्तीय मामलों में हस्तक्षेप करते हैं। पंचों ने आरोप लगाया कि बैठकों के दौरान उनके द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया जाता है।
इन आरोपों के आधार पर ग्राम पंचायत मझगवां के पंचों एवं उपसरपंच ने सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने की मांग की है तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध प्रशासन से किया है।


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