जनसमस्या निवारण शिविर की शिकायत से उजागर हुई उर्वरक अनियमितता जिल्दा सहकारी समिति में 246.75 मीट्रिक टन खाद कम मिली, प्रबंधक अखिलचंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्जे


 विशाल सिंह/ कोरिया एक्सप्रेस 

कोरिया, 21 मई 2026। बैकुण्ठपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. जिल्दा में बड़े पैमाने पर उर्वरक अनियमितता का मामला सामने आया है। समिति में 246.75 मीट्रिक टन उर्वरक कम पाए जाने पर समिति प्रबंधक अखिलचन्द के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. अंबिकापुर के नोडल अधिकारी के. पी. मिश्रा द्वारा थाना बैकुण्ठपुर में प्रस्तुत आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया गया। यह पूरा मामला जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त शिकायत के बाद उजागर हुआ।ग्राम जिल्दा निवासी रामप्रताप साहू ने शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि किसानों के लिए आवंटित रासायनिक खाद को बिचौलियों को औने-पौने दाम पर बेच दिया गया, जिसके कारण किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।13 मई 2026 को कृषि विभाग की उर्वरक निरीक्षक श्रीमती पुष्पा ठाकुर, नायब तहसीलदार पोड़ी-बचरा एवं सहकारिता विभाग की टीम की मौजूदगी में समिति के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार समिति में 431.55 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध होना दर्शाया गया था, जबकि गोदाम में मात्र 184.80 मीट्रिक टन उर्वरक पाया गया। इस प्रकार कुल 246.75 मीट्रिक टन उर्वरक कम मिला, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 68 लाख रुपये बताई गई है।जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि समिति को जिला विपणन संघ से यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके तथा एसएसपी उर्वरक प्राप्त हुए थे। आरोप है कि किसानों में वितरण करने के बजाय उक्त उर्वरकों का अवैध रूप से विक्रय किया गया।प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर के निर्देशानुसार समिति प्रबंधक अखिलचन्द, जो वर्तमान में निलंबित हैं, के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि मामले में संलिप्त दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं थाना बैकुण्ठपुर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

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