राजीव भवन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने BJP पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है, जबकि “नारी शक्ति वंदन एक्ट 2023” पहले ही पास होकर कानून बन चुका है।
प्रदीप गुप्ता के मुताबिक, 16 अप्रैल 2026 को जो 131वां संविधान संशोधन बिल लाया गया, उसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं था। असली मकसद लोकसभा सीटों का परिसीमन कर संख्या बढ़ाकर करीब 850 करना और 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का नया गणित सेट करना था।
कांग्रेस का आरोप है कि BJP ने महिला आरक्षण को सिर्फ एक “कवर स्टोरी” बनाकर अपने हिसाब से सीटों की सेटिंग करने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष के दबाव में ये प्लान फेल हो गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर सरकार सच में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती, तो मौजूदा सीटों में ही 33% आरक्षण तुरंत लागू कर सकती थी। लेकिन सरकार जानबूझकर परिसीमन का इंतजार कर रही है।
साथ ही कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब नई जनगणना होने वाली है, तो फिर 2011 के पुराने डेटा पर इतना बड़ा फैसला क्यों लिया जा रहा है।
अपने पुराने काम गिनाते हुए कांग्रेस ने कहा कि पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने का क्रेडिट कांग्रेस को जाता है, जिसकी वजह से आज बड़ी संख्या में महिलाएं राजनीति में एक्टिव हैं।
अंत में प्रदीप गुप्ता ने कहा कि BJP का फोकस महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि पॉलिटिकल फायदा है, और इसी वजह से पूरे मुद्दे पर कन्फ्यूजन फैलाया जा रहा है।

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