बैकुंठपुर/कोरिया। भीषण गर्मी के बीच आम लोगों को स्वच्छ और ठंडा पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैकुंठपुर नगर पालिका द्वारा शहर के अलग-अलग स्थानों पर करीब 8 से 10 वाटर कूलर लगाए गए थे। इनका मकसद राहगीरों, दुकानदारों और आम नागरिकों को राहत देना था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है।
शहर के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए अधिकांश वाटर फिल्टर अब बदहाली का शिकार हो चुके हैं। कहीं मोटर और कंप्रेसर खराब पड़े हैं, तो कहीं नल टूटे हुए हैं। कई जगहों पर बिजली कनेक्शन तक नहीं है, जिससे मशीनें सिर्फ लोहे का ढांचा बनकर रह गई हैं। जिन वाटर कूलर से लोगों को ठंडा पानी मिलना चाहिए था, वहां अब केवल निराशा मिल रही है।
गर्मी के इस मौसम में जब तापमान लगातार बढ़ रहा है, तब लोगों को पीने के लिए ठंडा और साफ पानी सबसे ज्यादा जरूरी है। लेकिन नगर पालिका की लापरवाही के चलते नागरिकों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। राहगीरों और बाजार आने-जाने वाले लोगों को मजबूरन बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है या फिर गर्म पानी पीना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका ने सिर्फ दिखावे के लिए मशीनें लगवाईं, लेकिन उनकी देखरेख और मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं की गई। समय-समय पर सर्विसिंग नहीं होने से अब ये वाटर कूलर कबाड़ में तब्दील होते जा रहे हैं।
अब सवाल यह उठता है कि जब करोड़ों योजनाओं और सुविधाओं का दावा किया जाता है, तो आम जनता के लिए जरूरी पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी सही तरीके से क्यों नहीं दी जा रही? आखिर इन बंद पड़े वाटर कूलरों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
नगर पालिका प्रशासन को चाहिए कि तत्काल सभी खराब वाटर कूलर की मरम्मत कर उन्हें चालू कराया जाए, ताकि गर्मी में लोगों को राहत मिल सके। फिलहाल शहरवासी यही पूछ रहे हैं—क्या नगर पालिका सिर्फ उद्घाटन तक सीमित है या सुविधाएं देने की जिम्मेदारी भी निभाएगी?




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