नगर पंचायत पटना में एक साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव, जल संकट की आशंका

 


 

विशाल सिंह/ कोरिया एक्सप्रेस

पटना ग्राम पंचायत से नगर पंचायत के रूप में गठन हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद नगर पंचायत पटना के निवासियों को आज तक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। लगभग 5 हजार की आबादी और करीब 2 हजार मकानों वाले इस क्षेत्र में नगर पंचायत परिषद की तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। 



गर्मी का मौसम शुरू होते ही जल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है, लेकिन नगर पंचायत के पास पीने के पानी की आपूर्ति के लिए एक भी वाटर टैंकर उपलब्ध नहीं है। इससे आने वाले दिनों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

साफ-सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। नगर पंचायत के पास कचरा संग्रहण के लिए खुद की ई-रिक्शा तक नहीं है और आज भी ग्राम पंचायत काल में खरीदे गए मैनुअल रिक्शों के सहारे काम चलाया जा रहा है। वहीं, घर-घर कचरा अलग-अलग एकत्र करने के लिए आवश्यक नीले और हरे डस्टबिन भी अब तक वितरित नहीं किए गए हैं। इसके चलते लोग गीला और सूखा कचरा अलग नहीं कर पा रहे हैं और जगह-जगह कचरे के ढेर लग रहे हैं।

इस संबंध में नगर पंचायत अधिकारियों का कहना है कि सभी खरीदी प्रक्रियाएं जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जानी हैं, लेकिन नगर पंचायत परिषद पटना का पंजीयन पोर्टल पर नहीं होने के कारण खरीद कार्य में देरी हो रही है।

हालांकि, गठन के एक साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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