जल संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाले प्रशासन की हकीकत एक बार फिर सामने आई है। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के हृदयस्थल कुमार चौक, बालमंदिर के पास स्थित एक पुराने सरकारी कुएं को कचरे से भरकर पाटने की तैयारी की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कुआं कभी आसपास के मोहल्ले के लिए शुद्ध पेयजल का प्रमुख स्रोत हुआ करता था। सालभर इसमें पर्याप्त पानी रहता था और समय-समय पर इसका जीर्णोद्धार भी किया जाता था।
लेकिन पिछले डेढ़ साल से इस कुएं में लगातार कचरा डाला जा रहा है, जिससे अब यह पूरी तरह समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है।एक ओर प्रशासन जल संरक्षण और जल स्रोतों को बचाने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर ऐसे महत्वपूर्ण पारंपरिक स्रोतों की अनदेखी कई सवाल खड़े करती है।विशेषज्ञों का मानना है कि गिरते भूजल स्तर और बढ़ती गर्मी के बीच पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण बेहद जरूरी है। ऐसे में एक उपयोगी कुएं को खत्म करना भविष्य के जल संकट को और गंभीर बना सकता है।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि कुएं को तत्काल कचरे से मुक्त कराकर पुनर्जीवित किया जाए, ताकि आने वाले समय में लोगों को जल संकट से राहत मिल सके।



0 टिप्पणियाँ