स्थानीय लोगों के अनुसार देवखोल क्षेत्र की दर्जनों अवैध खदानों से लगातार कोयला निकाला जा रहा है। आरोप है कि वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने औपचारिक कार्रवाई कर अपनी सक्रियता तो दिखाई, लेकिन किसी भी अवैध खदान को स्थायी रूप से बंद करने या ब्लास्टिंग कर ध्वस्त करने जैसी ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि करीब एक वर्ष पहले अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ जिस तरह सत्ता पक्ष के संगठन से जुड़े कुछ नेताओं द्वारा अभियान चलाया गया था, और अवैध कोल माफियों के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए खुद रात्रि में निकल कर कार्यवाही करते हुए का वीडियो बना सोशल मीडिया प्लेटफार्म में डाला जा रहा था वैसी सक्रियता अब नजर नहीं आ रही है। पहले अवैध खनन के विरोध में वीडियो और सोशल मीडिया के माध्यम से कार्रवाई की मांग उठाई जाती थी, लेकिन वर्तमान में मामले को लेकर सन्नाटा दिखाई दे रहा है जिससे कॉल माफिया और संगठन के गठबंधन का संदेह उत्पन्न होने लगा है ।
लगातार सामने आ रही गतिविधियों और वायरल वीडियो के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पाने से क्षेत्र में कोयला कारोबार से जुड़े लोगों के हौसले बुलंद होते नजर आ रहे

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