जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पतरापाली में विवादित भूमि की रजिस्ट्री किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 से राजस्व न्यायालय में विचाराधीन भूमि की 9 अप्रैल 2026 को बैकुंठपुर स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री कर दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित भूमि का खसरा नंबर 349 तथा रकबा 0.140 हेक्टेयर है। इस भूमि को लेकर आशा राम प्रजापति (पिता हीरू प्रजापति) एवं दशमत बाई (पति आनंद राम), दोनों निवासी पतरापाली के बीच वर्ष 2022 से मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा है, जो अभी भी राजस्व न्यायालय में लंबित है।
आरोप है कि मामले के लंबित होने के बावजूद दशमत बाई ने उक्त भूमि का विक्रय बैकुंठपुर के गढ़ेलपारा निवासी अख्तर अली रफीक (पिता मोहम्मद रफीक) के नाम कर रजिस्ट्री करा दी।
पीड़ित पक्ष आशा राम प्रजापति का कहना है कि यह भूमि उनकी पुश्तैनी है, जिस पर वे वर्षों से खेती करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भी उन्होंने उक्त भूमि पर उड़द की फसल लगाई है। उनके अनुसार, भूमि को कूट रचना कर विवादित बनाया गया और न्याय के लिए उन्होंने 2022 में राजस्व न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहां मामला अभी लंबित है।
आशा राम प्रजापति ने रजिस्ट्री को पूरी तरह असंवैधानिक बताते हुए इसे शून्य घोषित करने के लिए आवेदन दिया है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें न्याय के लिए सिविल कोर्ट का सहारा लेना पड़ सकता है।
इस विषय में जब पीड़ित पक्ष के द्वारा रजिस्ट्री शून्य करने के लिए आवेदन दिया गया तब विभाग के द्वारा आवेदन लेने से मना कर दिया ।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है



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