तालाब गहरीकरण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इस मामले में ग्राम पौड़ी निवासी विजेंद्रदास ने जिला कलेक्टर कोरिया को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित तालाब गहरीकरण कार्य में नियमों की अनदेखी की जा रही है। शिकायतकर्ता के अनुसार तकनीकी सहायक द्वारा बिना स्थल निरीक्षण किए ही कार्य का मूल्यांकन किया जा रहा है। वहीं मनरेगा के नियमों के विपरीत तालाब गहरीकरण कार्य में ट्रैक्टर एवं अन्य मशीनों का उपयोग कर कार्य कराया जा रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्रैक्टर मालिकों को भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा अन्य मद की राशि से किए जाने की बात कही जा रही है, जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि इससे शासकीय राशि के दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा आवेदन में फर्जी हाजिरी भरने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित मेटों द्वारा वास्तविक मजदूरों की उपस्थिति के बिना ही मस्टर रोल में हाजिरी दर्ज की जा रही है, जिससे शासन को आर्थिक क्षति पहुंचने के साथ-साथ वास्तविक श्रमिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
शिकायतकर्ता विजेंद्रदास ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तकनीकी सहायक, मेट एवं संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन कराकर अनियमितताओं को तत्काल रोका जाए तथा वित्तीय गड़बड़ियों की भी जांच कराई जाए।

0 टिप्पणियाँ