- धान संग्रहण केंद्र बड़गांव में 5565 क्विंटल धान कहा गया?

 

 

विशाल सिंह/ कोरिया एक्सप्रेस

राज्य सरकार ने वर्ष 2024–25 में धान भंडारण की नई व्यवस्था के तहत लगभग हर जिले में धान संग्रहण केंद्र स्थापित किए थे। समितियों से खरीदा गया धान इन्हीं केंद्रों में रखा गया और यहीं से मिलरों द्वारा उठाव किया गया। लेकिन अब सरकार के ही खाद्य विभाग की वेबसाइट पर दर्ज आंकड़े गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

कोरिया जिले में बड़गांव में धान संग्रहण केंद्र खोला गया जिले में कुल 1 लाख 19 हजार 753 क्विंटल धान की खरीदी हुई, जिसमें से 1 लाख 14 हजार 188 क्विंटल धान का उठाव दिखाया गया है। इस हिसाब से संग्रहण केंद्रों में 5 हजार 565 क्विंटल धान मौजूद होना चाहिए था, लेकिन रिकॉर्ड में यह धान कम बताया जा रहा है। यानी हजारों क्विंटल धान का हिसाब नहीं मिल रहा। मौके पर जब हम पहुंचे तो धान नही दिखा।


इससे पहले जब धान समितियों में रखा जाता था, तब सूखती निकलने पर उसकी वसूली धान खरीदी समिति के प्रबंधकों से की जाती थी। धान संग्रहण केंद्र में अव्यवस्था का आलम भी देखने को मिला जहा धान को नमी से बचाने के लिए महंगे दाम पर खरीदी किए गए धान का भूसा पूरी तरह से खुले में पड़े पड़े सड़ रहे हैं धान को बारिश से बचाने के लिए जो तिरपाल वो अवस्थित रख रखाव के कारण फट चुके हैं जिससे कारण प्रशासन को लंबा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है ।

 अब सवाल यह है कि धान संग्रहण केंद्रों में आई रिकॉर्ड सूखती या गुमशुदगी की जिम्मेदारी किसकी है? आखिर इस गड़बड़ी के लिए कौन जिम्मेदार है और राज्य सरकार को हुए बड़े आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

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