विशाल सिंह / कोरिया अक्सप्रेस
कोरिया जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर उड़ीसा से मध्यप्रदेश जा रहा एक ट्रक शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग की चपेट में आ गया। आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम ने स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उसने प्रशासन को भी चौंका दिया।
बताया जा रहा है कि उक्त ट्रक में भारी मात्रा में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली का परिवहन किया जा रहा था। आग लगने की घटना के बाद इस अवैध तस्करी का खुलासा हुआ। मौके पर पहुंचे मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने ट्रक में थाई मांगुर मछली होने की पुष्टि की है।
गौरतलब है कि थाई मांगुर मछली पूरे भारत में प्रतिबंधित है और इसका पालन-पोषण, परिवहन व बिक्री गैरकानूनी है। इस मछली के सेवन से गंभीर बीमारियों, यहां तक कि कैंसर जैसी घातक बीमारी का खतरा बताया जाता है।
इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उड़ीसा से चला यह ट्रक छत्तीसगढ़ के जशपुर, सरगुजा और सूरजपुर जिलों से होकर कोरिया तक पहुंच गया, लेकिन कहीं भी इसकी जांच नहीं की गई। इससे चेक पोस्ट और निगरानी व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर हुई हैं।
मौके पर मीडिया के पहुंचने के बाद जब मत्स्य विभाग को मामले की जानकारी मिली तो विभागीय टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। इस संबंध में सहायक मत्स्य अधिकारी रविंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि थाई मांगुर मछली केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित है क्योंकि इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।
उन्होंने कहा कि मछली को जप्त कर वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोज किया जाएगा तथा इसके अवैध परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और संबंधित विभागों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

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