कोटेरबुड़ा जंगल में जुआ फड़ का भंडाफोड़, मानी जंगल में चल रहे अवैध जुए पर भी उठे सवाल


जिले में अवैध जुए के खिलाफ पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। उदयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटेरबुड़ा जंगल में पुलिस ने संगठित रूप से संचालित जुआ फड़ का खुलासा करते हुए कई जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा है। इस कार्रवाई में पटना क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, कारोबारियों एवं समाज के प्रतिष्ठित लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी है।



प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 11 जनवरी 2026 को पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि कोटेरबुड़ा जंगल में पुलिया के पास कुछ लोग 52 पत्ती ताश से कटपत्ती नामक जुआ खेल रहे हैं, जहां रुपये-पैसे का बड़ा दांव लगाया जा रहा है। सूचना की तस्दीक के लिए पुलिस ने गवाह गुरुबचन सोनी पिता स्व. ठाकुर सिंह सोनी (उम्र 58 वर्ष, निवासी ग्राम उदयपुर) एवं रामकुमार पिता नंदलाल (उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम सोनतराई) को साथ लेकर मौके पर रेड कार्रवाई की।



रेड के दौरान पुलिस ने जंगल में खुलेआम जुआ खेलते कई लोगों को देखा। पुलिस ने घेराबंदी कर सभी जुआरियों को मौके से पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान जुआ फड़ से कुल 1,40,310 रुपये नकद बरामद किए गए, जिसमें फड़ से 7,500 रुपये तथा जुआरियों के पास से अलग-अलग राशि शामिल है। इसके साथ ही 52 पत्ती ताश भी जब्त की गई। पूरी जप्ती की कार्रवाई गवाहों के समक्ष की गई।



पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों का कृत्य छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है। इसके बाद सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। प्रकरण जमानतीय होने के कारण आरोपियों द्वारा जमानतदार प्रस्तुत करने पर उन्हें जमानत मुचलका पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में पृथक से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।

वहीं दूसरी ओर, कोटेरबुड़ा जंगल में हुई इस कार्रवाई के बाद सुरजपुर जिले के मानी जंगल में लंबे समय से चल रहे अवैध जुआ फड़ को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार मानी जंगल में एक हज से लौटे जनपद सदस्य द्वारा अवैध जुआ फड़ का संचालन कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यहां प्रतिदिन 30 से 40 हजार रुपये की अवैध वसूली की जाती है, जो जुआ फड़ को संरक्षण देने और पुलिस कार्रवाई से बचाव के लिए दी जाती है।

सूत्रों का दावा है कि इसी कारण मानी जंगल क्षेत्र में जुआ फड़ खुलेआम संचालित हो रहा है और अब तक कोई ठोस पुलिस कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध जुए के कारण क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है, युवा वर्ग जुए की लत का शिकार हो रहा है और कई परिवार आर्थिक व सामाजिक संकट से जूझ रहे हैं।

कोटेरबुड़ा जंगल में हुई पुलिस कार्रवाई के बाद अब मानी जंगल में चल रहे कथित अवैध जुआ फड़ पर भी प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि प्रभावशाली और रसूखदार लोगों पर भी निष्पक्ष कार्रवाई होती है, तभी अवैध जुए पर वास्तविक रूप से अंकुश लगाया जा सकेगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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