कोरिया जिले के मुख्यालय बैकुंठपुर के खाड़ा ग्राम में स्थित भवन में संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 649वीं जयंती गुरुपर्व के रूप में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक चेतना के साथ मनाई गई। यह संभाग स्तरीय आयोजन रविदास समाज जन-कल्याण सरगुजा संभाग, छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में पहली बार सर्व समाज की सहभागिता के साथ आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संत रविदास जी की अमृत वाणी का प्रचार-प्रसार जन-जन तक पहुँचाना तथा सामाजिक असमानता, छुआछूत, अशिक्षा, नशापान एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों पर गंभीर विचार-विमर्श करना रहा। इस अवसर पर उपस्थित समाजजनों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि सभी प्रकार के भेदभाव मिटाकर सामाजिक एकता की स्थापना करनी होगी तथा भारत की एकता और अखंडता की रक्षा करते हुए विकसित भारत के निर्माण में तन-मन-धन और अपनी योग्यता का योगदान देना होगा, तभी आने वाली पीढ़ियों का सर्वांगीण विकास संभव हो सकेगा।
समारोह के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन हुआ, जिसने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया। इस अवसर पर समाज के कुछ साथियों को नई जिम्मेदारियों के साथ पदभार भी सौंपा गया।
सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में संत-महापुरुषों की जयंती सार्वजनिक रूप से मनाने पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि कोई भी संत या महापुरुष किसी एक जाति या समाज तक सीमित नहीं होता, बल्कि वे पूरे मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। इसलिए संत-महापुरुषों और शहीदों को जाति में बाँटना अनुचित है।
कार्यक्रम में सरगुजा संभाग के सभी छह जिलों से ग्रामीण, ब्लॉक, जिला, संभाग एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी सहित हजारों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन समाज के लोगों द्वारा किया गया।

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