बैकुंठपुर नगर पालिका द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान ने अब धार्मिक भावनाओं को भी आहत कर दिया है। कार्रवाई के दौरान देवी-देवताओं की मूर्तियाँ तोड़े जाने का मामला सामने आने के बाद शहर में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे प्रशासन की असंवेदनशीलता बताते हुए विरोध जताया है।
मूर्ति बनाने वालों पर भी चली कार्रवाई
बताया जा रहा है कि हाई स्कूल के सामने वर्षों से मूर्ति निर्माण का कार्य कर रहे कारीगरों के स्थान पर बुलडोज़र चलाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वहां रखी कई देवी-देवताओं की मूर्तियाँ भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वह स्थल अतिक्रमण की श्रेणी में था भी, तो मूर्तियों को सम्मानपूर्वक हटाने या अन्य स्थान पर शिफ्ट करने का अवसर दिया जाना चाहिए था।
लोगों में नाराज़गी, आस्था के अपमान का आरोप
घटना के बाद आसपास के लोगों और राहगीरों में भारी नाराज़गी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि आस्था को ठेस पहुंचाने जैसा कदम है। कई लोगों ने प्रशासन से जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पहले संवेदनशीलता बरतने की मांग की है।
जनप्रतिनिधि का बयान
नगर पालिका उपाध्यक्ष आशीष यादव ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि “धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। अगर मूर्तियाँ हटानी थीं तो नियमानुसार सूचना देकर सुरक्षित स्थान पर रखवाया जा सकता था।”
प्रशासन की चुप्पी
फिलहाल इस पूरे मामले में नगर पालिका प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लोगों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।


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