विशाल सिंह / कोरिया एक्सप्रेस
कोरिया जिले में लगभग 60 प्रतिशत धान खरीदी पूरी हो चुकी है। इसी बीच खरीदी केंद्रों पर लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरों को लेकर सवाल सामने आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कई केंद्रों में पिछले वर्ष के कैमरे पहले से लगे हुए हैं, इसके बावजूद मार्कफेड की ओर से दो-दो नए कैमरे लगाने के लिए सामग्री भेजी गई है।समितियों का कहना है कि भेजे गए कैमरों के डिब्बे बाहर से नए दिखाई देते हैं, लेकिन अंदर कैमरे पुराने और उपयोग किए हुए नजर आ रहे हैं। कैमरों पर गंदगी और निशान पाए गए हैं। पहले यह बताया गया था कि 360 डिग्री घूमने वाले कैमरे भेजे जाएंगे, लेकिन जो कैमरे मिले हैं वे एक ही दिशा में लगे रहने वाले हैं। वहीं कई केंद्रों में कैमरे जहां लगाए गए हैं, वहां धान का भंडारण नहीं है, जिससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
इस मामले में डीएमओ का कहना है कि वे स्वयं खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करेंगी। यदि कैमरे पुराने या अनुपयुक्त पाए जाते हैं तो उन्हें वापस किया जाएगा। बताया जा रहा है कि कुछ खरीदी केंद्रों में कैमरों के लिए 41 हजार रुपये का बिल भी भेजा गया है।



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