धान समिति केंद्र के द्वारा किसान से तय मात्रा से अधिक धान लेने का मामला सामने आया

 विशाल सिंह/ कोरिया एक्सप्रेस 


कोरिया जिले के पटना धान खरीदी केंद्र में किसानों से तय मात्रा से अधिक धान लिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था इस कदर हावी है कि किसानों को खुलेआम लूटा जा रहा है। केंद्र में न तो पटवारी मौजूद रहते हैं और न ही समिति प्रबंधक, जिसके कारण पूरी व्यवस्था चरमराई हुई है। किसानों का कहना है कि धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बाहरी लोगों के हवाले छोड़ दिया गया है जिनके निर्देशों को मानने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचता। निर्धारित मानक के अनुसार एक बोरी में 40 किलो 700 ग्राम धान लिया जाना चाहिए लेकिन किसानों से 41 किलो 200 ग्राम तक धान तौला जा रहा है। हर बोरी में करीब आधा किलो अतिरिक्त धान देने से किसानों को सीधे आर्थिक नुकसान हो रहा है। 


किसान बताते हैं कि यदि खरीदी के बाद समिति में धान की कमी पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी समिति प्रबंधक पर तय होती है। इसी आशंका और उच्चस्तरीय अधिकारियों की कथित मौन सहमति के चलते समिति प्रबंधक किसानों से जरूरत से ज्यादा धान तौलवा रहे हैं ताकि भविष्य में किसी तरह की कमी न निकले। इस प्रक्रिया का खामियाजा पूरी तरह से किसान समुदाय को उठाना पड़ रहा है। एक या दो बोरी नहीं बल्कि कई क्विंटल धान बेचने वाले किसानों के लिए प्रति बोरी आधे किलो का अतिरिक्त नुकसान बड़ी मात्रा में जुड़कर भारी आर्थिक क्षति का कारण बन रहा है। किसानों का आरोप है कि जिले के कई खरीदी केंद्रों में इसी तरह की मनमानी वर्षों से चल रही है लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई है क्योंकि अधिकारी मौके पर पहुंचना भी जरूरी नहीं समझ रहे। इससे बाहरी लोगों का मनोबल और बढ़ गया है और किसान खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे हैं। बढ़ती शिकायतों और किसानों के गुस्से के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। किसान मांग कर रहे हैं कि पूरे प्रकरण की जांच हो खरीदी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ