प्रधानमंत्री आवास योजना में गंभीर अनियमितता, अपात्र जनप्रतिनिधि को दिलाया गया लाभ

कोरिया प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत कोरिया जिले में आवास निर्माण में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत खोड़ द्वारा जनपद पंचायत सदस्य को पहले अपात्र घोषित किए जाने के बावजूद, कथित प्रशासनिक मिलीभगत के चलते उसे पुनः पात्र बनाकर योजना का लाभ दे दिया गया।


जानकारी के अनुसार, अपात्र घोषित जनपद पंचायत सदस्य के पक्के मकान की छत पर प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए जियो-टैगिंग कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। इतना ही नहीं, आवास निर्माण की पहली किस्त के रूप में लगभग 90 हजार रुपये की राशि भी अपात्र हितग्राही के खाते में स्थानांतरित कर दी गई।

मामले की गंभीरता तब सामने आई जब पटना तहसील निवासी एक व्यक्ति द्वारा पीएमओ पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद कोरिया प्रशासन ने जांच टीम गठित कर मामले की जांच कराई। जांच के दौरान हितग्राही ने बगल में बन रहे एक अन्य मकान को प्रधानमंत्री आवास बताकर जांच टीम को भ्रमित करने का प्रयास किया, लेकिन जियो-टैगिंग की जांच में यह स्पष्ट हो गया कि अपात्र हितग्राही द्वारा पक्के मकान के ऊपर मंजिल पर आवास निर्माण दिखाते हुए, आवास मित्र की सहायता से जियो-टैग कराया गया था।


पूरे मामले को लेकर ग्राम पंचायत खोड़ द्वारा भी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपा गया है। आवेदन में मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपात्र जनपद पंचायत सदस्य द्वारा निकाली गई राशि की वसूली की मांग की गई है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि कोरिया प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोषियों पर कार्रवाई तथा अपात्र हितग्राही से राशि की वसूली सुनिश्चित की जाती है या नहीं।


विशाल सिंह /कोरिया एक्सप्रेस 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ