विशाल सिंह / कोरिया एक्सप्रेस
कोरिया कांग्रेस ने आज बैकुंठपुर में स्थित राजीव भवन में प्रयागराज माघ मेले में जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोके जाने और उनके साथ कथित दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है। कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार का हिंदू विरोधी चेहरा करार देते हुए कहा कि शंकराचार्य का अपमान दरअसल सनातन धर्म का अपमान है।
कांग्रेस का आरोप है कि खुद को हिंदुओं का सबसे बड़ा हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार आज हिंदू संतों के सम्मान को कुचल रही है। हालात ऐसे हैं कि जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है और वे पिछले 36 घंटों से अनशन पर बैठे हुए हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक उनसे संवाद का कोई प्रयास नहीं किया गया है।
कांग्रेस ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से लगातार शाही स्नान करते आ रहे हैं। यह पहली बार है जब उन्हें मौनी अमावस्या के शाही स्नान जैसी अखंड धार्मिक परंपरा से रोका गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शंकराचार्य को स्नान से रोककर सनातन परंपरा को ठेस पहुंचाई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा बीते 12 वर्षों से केंद्र की सत्ता में रहकर हिंदू धर्म के नाम पर राजनीति करती रही है, लेकिन आज वही सरकार शंकराचार्य और उनके समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है। आरोप है कि शंकराचार्य के शिष्यों को बाल पकड़कर घसीटा गया और उन्हें पालकी तक ले जाने की अनुमति तक नहीं दी गई।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि शाही स्नान जैसी सदियों पुरानी परंपरा को रोकने का दुस्साहस किसी सरकार को कैसे हुआ, जबकि इस परंपरा को न तो मुगल शासकों ने रोका और न ही अंग्रेजों ने।
पार्टी ने यह भी कहा कि एक ओर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को जेड प्लस सुरक्षा दी जाती है, वहीं दूसरी ओर शंकराचार्य के समर्थकों के साथ मारपीट की जाती है। कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या आज मोहन भागवत, शंकराचार्य से बड़े हो गए हैं?
कांग्रेस का आरोप है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपराध केवल इतना है कि वे सरकार की नीतियों और व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने अयोध्या में आधे-अधूरे राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा, महाकुंभ की अव्यवस्थाओं और कोविड काल के दौरान गंगा में तैरती लाशों का मुद्दा उठाया था, इसी वजह से भाजपा सरकार उनके अपमान पर उतारू है।

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