विशाल सिंह/कोरिया एक्सप्रेस
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग ने विभागीय अधिकारियों के प्रभार और कार्य आवंटन को लेकर जारी परिपत्र का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत का प्रभार अन्य विभागों के अधिकारियों को नहीं दिया जाए।
आदिम जाति विकास विभाग, नवा रायपुर अटल नगर से 7 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र क्रमांक ESTB/7464/2026-Tribal Section में समस्त संभागायुक्तों, कलेक्टरों तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को संबोधित करते हुए विभागीय परिपत्र दिनांक 11 अप्रैल 2025 का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पत्र के अनुसार, विभाग के अंतर्गत कार्यरत सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, सहायक संचालक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा विभागीय योजनाओं की वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने, विकास योजनाओं के संचालन, निर्माण कार्यों की स्वीकृति एवं निगरानी, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्राम पंचायतों से संबंधित कार्यों का संपादन किया जाता है। इसके साथ ही विभागीय योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन भी इनके माध्यम से किया जाता है।
पत्र में कहा गया है कि कई मामलों में कलेक्टर अथवा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा विभागीय परिपत्र का पालन किए बिना शासन की जानकारी के बगैर अधिकारियों का प्रभार बदला जाता है और अन्य स्थानों पर पदस्थापना कर दी जाती है। यहां तक कि कार्यभार ग्रहण करने के बाद भी संबंधित अधिकारियों को कार्य आवंटित नहीं किया जाता। इससे विभागीय कार्य प्रभावित होने के साथ-साथ न्यायालयीन प्रकरणों की स्थिति भी निर्मित होती है, जिससे विभाग की छवि धूमिल होती है।
विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विभागीय परिपत्र दिनांक 11 अप्रैल 2025 का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिकारियों के प्रभार एवं कार्य आवंटन में निर्धारित व्यवस्था बनी रहे और विभागीय योजनाओं का संचालन सुचारु रूप से हो सके।

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