कला उत्सव में पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय कोरिया का शानदार प्रदर्शन, ‘कुपित याजसेनी’ राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित पंडवानी प्रस्तुति ने क्षेत्रीय कला उत्सव में हासिल किया प्रथम स्थान, विद्यार्थियों ने बढ़ाया जिले का गौरव

 

कोरिया। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, कोरिया के विद्यार्थियों ने कला उत्सव 2026-27 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय और जिले को गौरवान्वित किया है। विद्यालय की पारंपरिक कथावाचन श्रेणी में प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोककला पंडवानी पर आधारित प्रस्तुति ‘कुपित याजसेनी’ ने क्षेत्रीय कला उत्सव में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के साथ प्रस्तुति का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

संकुल स्तरीय कला उत्सव का आयोजन 7 एवं 8 सितंबर 2026 को जवाहर नवोदय विद्यालय, बिलासपुर तथा जवाहर नवोदय विद्यालय, रायगढ़ में किया गया था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने चित्रकला, मूर्तिकला, स्वदेशी खिलौना निर्माण, पारंपरिक कथावाचन, समूह गायन, समूह नृत्य और शास्त्रीय नृत्य कथक सहित विभिन्न विधाओं में भाग लिया।

प्रतियोगिता में विद्यालय की छात्रा डॉली साहू ने शास्त्रीय नृत्य कथक की एकल श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, पारंपरिक कथावाचन की समूह श्रेणी में कक्षा 11वीं की छात्रा राजनंदिनी सिंह एवं छात्र विकास कुमार ने प्रथम स्थान हासिल किया। उनकी पंडवानी प्रस्तुति ‘कुपित याजसेनी’ महाभारत के द्रौपदी प्रसंग पर आधारित है। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध पंडवानी परंपरा के जरिए न्याय, धर्म, साहस, नारी सम्मान और अटूट आस्था जैसे भारतीय जीवन-मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

इस प्रस्तुति की एक विशेष उपलब्धि यह भी रही कि मुख्य कलाकार राजनंदिनी सिंह ने इसे छत्तीसगढ़ की महान पंडवानी कलाकार पद्म विभूषण तीजन बाई को समर्पित किया। प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने पंडवानी लोककला की महत्ता और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त किया।इसके बाद क्षेत्रीय कला उत्सव का आयोजन 7 एवं 8 अक्टूबर 2026 को जवाहर नवोदय विद्यालय, कटक, ओडिशा में हुआ। यहां ‘कुपित याजसेनी’ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और राष्ट्रीय स्तर के कला उत्सव 2026-27 के लिए चयनित हुई। यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, समर्पण और कलात्मक प्रतिभा के साथ-साथ भारतीय लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

इस सफलता में कला शिक्षक मुकेश तिवारी का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। संगीत शिक्षक लोकेश कुमार कुरम, संजीव कुमार सिंह, प्रमोद सिंह एवं शिक्षिका शिशा गोस्वामी सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकों के सहयोग और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को यह उपलब्धि हासिल करने में मदद मिली।

विद्यालय के प्राचार्य सी. एल. कछवाह ने इस उल्लेखनीय सफलता पर विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों को बधाई देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने तथा भारतीय कला और सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया।

विद्यालय परिवार ने विश्वास जताया कि विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा, अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला पंडवानी को व्यापक पहचान दिलाने में योगदान देंगे।

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