विशाल सिंह/ कोरिया एक्सप्रेस
कोरिया जिले के मनसुख प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मचारी की मनमानी का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने पहुंची एक महिला मरीज को ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारी ने रविवार का हवाला देते हुए उपचार देने से मना कर दिया।
पीड़ित महिला ने स्वास्थ कर्मचारी से जब ये बात बोला गया कि स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का उद्देश्य सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद कर्मचारी ने उपचार करने से इनकार कर दिया। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी भी हुई।
बताया जा रहा है कि इसके बाद परेशान महिला ने किसी माध्यम से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को घटना की जानकारी दी। सीएमएचओ के हस्तक्षेप और निर्देश के बाद ही महिला मरीज को उपचार उपलब्ध कराया गया।
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की लापरवाही और मनमानी के कारण छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी मरीजों को जिला अस्पताल का रुख करना पड़ता है, जिससे वहां अनावश्यक भीड़ बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्वास्थ्य कर्मचारी गांवों में घर-घर जाकर निजी तौर पर शुल्क लेकर उपचार करने में सक्रिय रहते हैं, लेकिन केंद्र में सेवाएं देने के समय बहानेबाजी करते हैं।

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